Tata Motors Iveco Deal की खबर ने वैश्विक ऑटो इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। इटली सरकार ने भारत की अग्रणी ऑटो कंपनी Tata Motors को यूरोप की जानी-मानी ट्रक निर्माता कंपनी Iveco को खरीदने की सशर्त मंजूरी दे दी है। यह फैसला 31 अक्टूबर को लिया गया था और शुक्रवार को संसद में पेश एक डॉक्यूमेंट में इसकी जानकारी सामने आई।
3.8 Billion Euro Deal
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, Tata Motors ने Iveco को 3.8 बिलियन यूरो (लगभग 4.36 बिलियन डॉलर) में खरीदने पर सहमति जताई है। इस अधिग्रहण से पहले Iveco ने अपने डिफेंस बिजनेस को इटली की सरकारी रक्षा कंपनी Leonardo को बेचने का निर्णय लिया था। यह सौदा दोनों कंपनियों के बीच एक रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
Iveco And Exor
Iveco एक प्रसिद्ध यूरोपीय कंपनी है जो ट्रक, बस और इंजन निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। यह कंपनी इटली के Agnelli परिवार के नियंत्रण में है, जिसकी इन्वेस्टमेंट कंपनी Exor के पास Iveco में 27.1% हिस्सेदारी और 43.1% वोटिंग अधिकार हैं। अब Exor इस हिस्सेदारी को Tata Motors को ट्रांसफर करेगी।
इस कदम से Tata Motors Iveco Deal न केवल यूरोप बल्कि वैश्विक वाणिज्यिक वाहन बाजार में एक बड़ा बदलाव लाएगी।
Tata Motors Profit
Tata Motors और Iveco ने संयुक्त बयान में कहा कि यह डील दोनों कंपनियों के कंप्लीमेंटरी प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और औद्योगिक क्षमताओं को एक साथ लाएगी। दोनों के बीच किसी बड़े ओवरलैप की संभावना नहीं है, जिससे नई इकाई की ग्लोबल पहुंच और प्रोडक्ट रेंज मजबूत होगी।
डील पूरी होने के बाद संयुक्त कंपनी की वार्षिक बिक्री 5.4 लाख यूनिट्स से अधिक और कुल राजस्व करीब 22 बिलियन यूरो तक पहुंचने का अनुमान है। यह Tata Motors Iveco Deal को वैश्विक स्तर पर एक पावरफुल गठबंधन बना देगा।
Tata Motors in Europe
अब तक Tata Motors की यूरोपीय बाजार में उपस्थिति सीमित थी। हालांकि, उसके पास जगुआर लैंड रोवर के जरिए पैसेंजर कार सेगमेंट में मजबूत पकड़ है। लेकिन Iveco के अधिग्रहण से कंपनी यूरोप के कमर्शियल व्हीकल मार्केट में भी अपनी स्थिति मजबूत करेगी। Iveco की लगभग 74% कमाई यूरोप से होती है, जिससे टाटा मोटर्स को वहां की सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी और मार्केट नेटवर्क तक सीधा पहुंच मिलेगी।
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Iveco Shares and Defence Division
Iveco यूरोप के प्रमुख ट्रक निर्माताओं में से एक है, हालांकि आकार में यह Volvo, Daimler और Traton जैसी दिग्गज कंपनियों से छोटा है। डिफेंस सेक्टर में सक्रिय होने के कारण पहले इस डील को लेकर शंका जताई जा रही थी। लेकिन Leonardo को डिफेंस बिजनेस बेचने के बाद रास्ता साफ हो गया।
जुलाई के मध्य से Iveco के शेयरों में लगभग 25% की तेजी आई है, जब पहली बार यह खबर सामने आई थी कि Tata Motors इस अधिग्रहण पर विचार कर रही है। बुधवार को Iveco के शेयर 19.01 यूरो पर बंद हुए। कंपनी में करीब 36,000 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 14,000 इटली में हैं।
क्या कहता है इटली सरकार का फैसला
हालांकि इटली सरकार ने इस अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है, लेकिन इसे “सशर्त” स्वीकृति कहा गया है। इसका मतलब यह है कि सरकार डील के कुछ हिस्सों की गहन समीक्षा करेगी ताकि राष्ट्रीय हित और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की रक्षा की जा सके। Tata Motors Iveco Deal अगर पूरी तरह संपन्न होती है, तो यह भारतीय ऑटो सेक्टर के इतिहास की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहणों में से एक साबित होगी।




