Suzlon Energy Share Price: सावधान! सुजलॉन एनर्जी में आने वाली है गिरावट, एक्सपर्ट ने दी सेल रेटिंग, कहा 24% टूट सकता है शेयर

Suzlon Energy Share Price पर एक निगेटिव ब्रोकरेज रिपोर्ट आने के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। वेंचुरा सिक्योरिटीज ने इस स्टॉक पर SELL की रेटिंग जारी की है और कहा है कि इसमें अभी भी 22-24 प्रतिशत का और करेक्शन संभव है। यह तब है जब शेयर पहले ही अपने साल के हाई से करीब 20-22% गिर चुका है। मंगलवार को यह शेयर 58 रुपये पर बंद हुआ, जबकि साल का उच्चतम स्तर 74 रुपये रहा था।

Suzlon Energy Share Price Target

ब्रोकरेज फर्म ने साफ तौर पर कहा है कि Suzlon Energy Share Price मौजूदा स्तर पर ग्लोबल पीयर्स की तुलना में काफी महंगा है। इसके अनुसार, सुजलॉन 57 रुपये के भाव पर लगभग 28x FY28E earnings multiple पर ट्रेड हो रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां केवल 15x पर ट्रेड कर रही हैं। इस अंतर की वजह से स्टॉक में और गिरावट की संभावना है। यही कारण है कि वेंचुरा ने 46 रुपये का टारगेट देते हुए SELL की राय दी है।

DCF (Discounted Cash Flow) वैल्युएशन मेथड के आधार पर वेंचुरा का मानना है कि Suzlon Energy में आगे अपसाइड लिमिटेड है और करेक्शन की गुंजाइश अभी भी बाकी है।

Suzlon Energy Share Price

ब्रोकरेज के अनुसार Suzlon Energy Share Price में -24% तक गिरावट आ सकती है जो इसे 46 रुपए के स्तर पर ले जाएगी। इस हिसाब से निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दूसरी तरफ, Motilal Oswal ने BUY रेटिंग दी है और 60 रुपये का टारगेट दिया है जबकि Nuvama Institutional ने HOLD और 66 रुपये का टारगेट बनाए रखा है। यानी बाजार में राय बंटी हुई है लेकिन वेल्यूएशन को लेकर चिंता ज़रूर है।

Suzlon Energy Share Price History

सुजलॉन एनर्जी के शेयर ने 2024 में 86 रुपये का हाई बनाया था। इसके बाद लगातार करेक्शन देखने को मिला और यह अप्रैल 2025 में 46 रुपये तक गिर गया। मई में इसे रिकवरी मिली और यह वापस 74 रुपये के स्तर पर गया, लेकिन फिर से दबाव आने के बाद वर्तमान में यह 58 रुपये पर है। कुल मिलाकर यह अपने 2025 हाई से लगभग 22% कम है।

Suzlon Energy Q2FY26 Results

अब अगर रिजल्ट्स की बात करें तो सुजलॉन एनर्जी ने सितंबर तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया।

  • रेवेन्यू: ₹3866 करोड़ (85% YoY वृद्धि)
  • EBITDA: ₹721 करोड़ (145% वृद्धि)
  • नेट प्रॉफिट: ₹1279 करोड़ (538% उछाल)
  • EBITDA मार्जिन: 14.1% से बढ़कर 18.6%

Q1 में कंपनी का मुनाफा ₹324 करोड़ था, यानी Q2 में कंपनी का लाभ लगभग 4 गुना बढ़ा। यह भारत की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक सबसे तेज़ ग्रोथ रेट है।

Suzlon Energy की क्षमता और बिजनेस अपडेट

Suzlon Energy भारत की लीडिंग विंड टर्बाइन मैन्युफैक्चरर है जिसकी डोमेस्टिक इंस्टॉलेशन कैपेसिटी 15.4 GW और इंटरनेशनल क्षमता 6 GW है। वर्तमान में कंपनी के पास 1480 करोड़ रुपये का नेट कैश है, जो वित्तीय मजबूती का संकेत देता है।

Q2 में कंपनी ने 565 MW की डिलीवरी की जो किसी भी दूसरी तिमाही में सबसे ज्यादा है। कंपनी का टोटल ऑर्डर बुक 6.2 GW है और पहली छमाही में 2 GW के ऑर्डर मिले हैं।

Suzlon Management

कंपनी की रणनीति आने वाले वर्षों में EPC कॉन्ट्रैक्ट और उच्च दक्षता वाली विंड टरबाइन पर आधारित है।

  • FY26 में 6GW इंस्टॉलेशन का टारगेट
  • FY27 में 8GW तक पहुंचने का लक्ष्य
  • EPC रेवेन्यू शेयर FY28 तक 20% से बढ़ाकर 50% करना
  • GST में कमी से विंड इंस्टॉलेशन की गति बढ़ने की उम्मीद
  • सप्लाई चेन और रियर अर्थ मटेरियल्स को लेकर रिस्क मौजूद है, लेकिन कंपनी फिलहाल सुरक्षित है

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

जहां Suzlon Energy Share Price का वैल्यूएशन चिंता पैदा कर रहा है, वहीं कंपनी का संचालन, वित्तीय स्थिति और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में नेतृत्व इसकी मजबूती बने हुए हैं। दीर्घकालिक निवेशक EPS और कैपेसिटी ग्रोथ को देखते हुए होल्ड करने पर विचार कर सकते हैं लेकिन नए निवेशकों को एंट्री के लिए बेहतर स्तर का इंतजार करना समझदारी हो सकता है, जैसा कि वेंचुरा ने संकेत दिया है।

FAQs

Q1. Suzlon Energy के लिए वेंचुरा सिक्योरिटीज ने क्या टारगेट दिया है?
→ वेंचुरा सिक्योरिटीज ने 46 रुपये का टारगेट देते हुए SELL रेटिंग दी है।

Q2. Suzlon Energy का Q2 प्रदर्शन कैसा रहा?
→ रेवेन्यू 3866 करोड़, EBITDA 721 करोड़, और नेट प्रॉफिट 1279 करोड़ रहा यानी 538% ग्रोथ।

Q3. Suzlon के EPC का भविष्य लक्ष्य क्या है?
→ EPC रेवेन्यू शेयर FY28 तक 20% से बढ़ाकर 50% करना है।

Q4. कंपनी की इंस्टॉलेशन क्षमता कितनी है?
→ भारत में 15.4 GW और विदेशों में 6 GW।

Q5. ब्रोकरेज का क्या दृष्टिकोण है?
→ वेंचुरा – SELL (46 रुपए)
→ Motilal Oswal – BUY (60 रुपए)
→ Nuvama – HOLD (66 रुपए)

निष्कर्ष

Suzlon Energy Share Price पर दबाव बना हुआ है क्योंकि वैल्युएशन ग्लोबल कंपनियों की तुलना में काफी ऊंचा माना जा रहा है। इसके बावजूद कंपनी का तिमाही प्रदर्शन, ऑर्डर बुक, कैश बैलेंस और उद्योग में नेतृत्व सुजलॉन की दीर्घकालिक स्थिति को मजबूत करता है। निवेशकों को अब यह तय करना होगा कि वे तेजी की उम्मीद में बने रहें या वैल्युएशन जोखिम को देखते हुए मुनाफा बुक करें।

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