Stocks to BUY: ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में अग्रणी कंपनी KPIT Technologies पर ब्रोकरेज हाउस JP Morgan ने बुलिश रुख दिखाया है. ब्रोकरेज ने कंपनी पर Overweight रेटिंग दोहराते हुए ₹1400 का KPIT Technologies Share Price Target 2025 तय किया है. यह मौजूदा स्तर ₹1213 से करीब 15% अपसाइड दिखाता है. वहीं HSBC ने स्टॉक पर ‘Hold’ रेटिंग बनाए रखी है और ₹1270 का टारगेट दिया है.
JP Morgan Report
JP Morgan का कहना है कि KPIT Technologies के Q2FY26 के नतीजे उम्मीद के अनुरूप रहे. कंपनी का रेवेन्यू और EBITDA अनुमानों से लगभग 1% ज्यादा रहा, हालांकि नेट प्रॉफिट थोड़ा कमजोर रहा क्योंकि Qoryx JV में अस्थिरता और नए एक्विजिशन की लागत का असर पड़ा. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की ऑर्गैनिक ग्रोथ रिकवरी Q3FY26 से शुरू होगी और Q4FY26 में तेजी पकड़ सकती है.
ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी की मार्जिन परफॉर्मेंस बेहतर रही और EBITDA मार्जिन में 10 बेसिस पॉइंट्स का सुधार देखा गया. यह आने वाली दूसरी छमाही (H2FY26) के लिए एक पॉजिटिव संकेत है.
HSBC
HSBC ने KPIT Technologies पर Hold रेटिंग बरकरार रखी है और ₹1270 का टारगेट दिया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्लोबल ऑटो इंडस्ट्री में मंदी और R&D खर्चों में कमी का असर KPIT की शुरुआती ग्रोथ पर पड़ा है. HSBC के मुताबिक, EV प्रोग्राम्स की टाइमलाइन में 1-2 साल की देरी हो सकती है, जिससे शॉर्ट-टर्म में रेवेन्यू पर असर दिख सकता है.
हालांकि, FY27 के लिए ग्रोथ आउटलुक मजबूत बना हुआ है. कंपनी के UK और Japan में टैरिफ डील्स फाइनल हो चुके हैं, जिससे लगभग 50% क्लाइंट बेस स्थिर हुआ है. Korea और Europe में डील्स पर अभी काम चल रहा है.
KPIT Technologies Q2FY26
सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही में KPIT Technologies का नेट प्रॉफिट ₹169.08 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹203.7 करोड़ से 17% कम है. हालांकि, कंपनी का Revenue from Operations ₹1,587.7 करोड़ रहा, जो 7.9% की बढ़ोतरी दर्शाता है. जॉइंट वेंचर्स और एसोसिएट कंपनियों से नुकसान ने नेट प्रॉफिट को प्रभावित किया, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ ने संतुलन बनाए रखा.
कंपनी का ऑर्गैनिक रेवेन्यू (constant currency) 2.3% घटा, लेकिन Caresoft acquisition को शामिल करने पर यह 0.3% की बढ़त दिखाता है. यह इंगित करता है कि अधिग्रहण से कंपनी के बिजनेस में स्थिरता और नई ऊर्जा आई है.
Order Book And Outlook
KPIT Technologies ने Q2FY26 में US$232 मिलियन के नए डील्स साइन किए हैं. कंपनी का Book-to-Bill ratio 1.3x रहा है, जो आने वाले तिमाहियों में मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन की ओर इशारा करता है. मैनेजमेंट का कहना है कि Q3FY26 से ग्रोथ रिकवरी शुरू होगी और Q4FY26 में बिजनेस वॉल्यूम व प्रॉफिटेबिलिटी दोनों में तेज़ सुधार देखने को मिलेगा.
JP Morgan का मानना है कि KPIT का EV सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग सेगमेंट भविष्य में बड़ा रेवेन्यू ड्राइवर बन सकता है, क्योंकि ऑटो इंडस्ट्री तेजी से इलेक्ट्रिक और स्मार्ट व्हीकल्स की ओर बढ़ रही है.
KPIT Technologies Ltd
पुणे स्थित KPIT Technologies Ltd भारत की प्रमुख Engineering Research & Development (ER&D) सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है. यह ग्लोबल ऑटो कंपनियों को सॉफ्टवेयर, डिजाइन और डिजिटल सॉल्यूशंस प्रदान करती है. कंपनी के डेवलपमेंट सेंटर्स Europe, USA, Brazil, Japan और China में स्थित हैं, जो इसके इंटरनेशनल प्रेजेंस को मजबूत बनाते हैं.
निवेशकों के लिए संकेत
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि KPIT Technologies Share Price Target 2025 के अनुसार, कंपनी लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए Buy on Dips कैटेगरी में आती है. मजबूत ऑर्डर बुक, EV फोकस और ग्लोबल क्लाइंट नेटवर्क कंपनी की अगली ग्रोथ स्टोरी को और मजबूती दे सकते हैं.
निष्कर्ष:
KPIT Technologies के Q2FY26 नतीजों में भले ही नेट प्रॉफिट में गिरावट दिखी हो, लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ, ऑर्डर बुक स्ट्रेंथ और EV टेक्नोलॉजी से जुड़ी संभावनाएं इसे आने वाले महीनों में आकर्षक स्टॉक बनाती हैं. JP Morgan के ₹1400 के टारगेट के हिसाब से यह स्टॉक 2025 तक एक मजबूत मुनाफे की मशीन साबित हो सकता है.




