Tata Power Q2 Results : देश की अग्रणी पावर कंपनी Tata Power ने सितंबर तिमाही (Q2 FY26 Results) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट में मामूली गिरावट देखने को मिली है, हालांकि इसका रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस अब भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। मजबूत ग्रोथ स्टोरी के बावजूद, ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस JP Morgan और CLSA ने इस स्टॉक पर सतर्कता बरती है और कहा है कि मौजूदा वैल्यूएशन के बाद बड़ा अपसाइड फिलहाल सीमित है।
Tata Power Q2 Results
कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजों के अनुसार, Tata Power का नेट प्रॉफिट 1% घटकर ₹919 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹926.5 करोड़ था। कंपनी की ऑपरेशनल इनकम 0.97% गिरकर ₹15,545 करोड़ रही। सबसे ज्यादा असर कंपनी के EBITDA (Operating Profit) पर पड़ा, जो 12% घटकर ₹3,302 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन 23.8% से गिरकर 21.2% रह गया, जिससे यह साफ है कि कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी पर थोड़ा दबाव बना हुआ है।
Tata Power Share Price
मजबूत रिन्यूएबल ग्रोथ के बावजूद, Tata Power Share Price पर ब्रोकरेज हाउस का नजरिया फिलहाल सावधानी भरा है। JP Morgan ने स्टॉक पर Neutral Rating बरकरार रखी है और ₹400 का टारगेट प्राइस तय किया है, जबकि स्टॉक फिलहाल ₹389 के आसपास ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि आगे केवल ₹11 का संभावित अपसाइड बचा है।
वहीं, CLSA ने Hold Rating जारी रखी है और ₹369 का टारगेट दिया है। उनका कहना है कि कंपनी का बैलेंस शीट हेल्दी है, लेकिन ऑपरेटिंग मार्जिन्स और वैल्यूएशन को देखते हुए फिलहाल बड़ा उछाल मुश्किल है।
Tata Power Renewable Energy Business
कमजोर ऑपरेटिंग नतीजों के बीच कंपनी का रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट बड़ा पॉजिटिव रहा। इस सेगमेंट का PAT (Profit After Tax) 70% उछलकर ₹511 करोड़ रहा, जबकि EBITDA में 57% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹1,575 करोड़ पहुंचा। रिन्यूएबल रेवेन्यू में 89% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹3,613 करोड़ तक पहुंच गया।
कंपनी के मुताबिक, यह तेजी उसके सोलर मैन्युफैक्चरिंग और रूफटॉप सोलर बिजनेस के मजबूत प्रदर्शन की वजह से आई है। सितंबर तिमाही में Tata Power ने 928 MW सोलर सेल्स और 970 MW सोलर मॉड्यूल्स का उत्पादन किया। इसमें से 809 MW DCR मॉड्यूल्स का रिकॉर्ड डिस्पैच हुआ, जो कंपनी के इतिहास में सबसे अधिक है।
Rooftop solar
कंपनी का रूफटॉप सोलर बिजनेस अब नए स्तर पर पहुंच चुका है। Tata Power के पास ₹1,116 करोड़ की ऑर्डर बुक है और इसके नेटवर्क में 644 चैनल पार्टनर्स और 2,000 से ज्यादा रिटेलर्स जुड़े हुए हैं।
ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट्स में भी मजबूत ग्रोथ देखने को मिली है। ट्रांसमिशन बिजनेस का प्रॉफिट 41% बढ़कर ₹120 करोड़ रहा, जबकि डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट का PAT 34% बढ़कर ₹557 करोड़ पहुंच गया। कंपनी अब महाराष्ट्र, गोवा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में नए डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट्स की योजना बना रही है।
क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश
Tata Power क्लीन एनर्जी क्षेत्र में लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स पर निवेश कर रही है। कंपनी ने भूटान में 600 MW Khorlochhu Hydro Project के निर्माण की शुरुआत की है, जिसमें उसकी 40% हिस्सेदारी है। इसके लिए कंपनी ने Power Finance Corporation (PFC) से ₹4,829 करोड़ का लोन प्राप्त किया है।
इसके अलावा, कंपनी ने ₹1,572 करोड़ के निवेश के साथ 1,125 MW Dorjilung Hydro Project में 40% इक्विटी हिस्सेदारी लेने की घोषणा की है। यह प्रोजेक्ट ₹13,100 करोड़ की लागत से Druk Green Power Corporation Ltd (DGPC) के साथ मिलकर पूरा किया जाएगा।
निष्कर्ष
भले ही Tata Power Q2 Results में ऑपरेटिंग मार्जिन्स पर दबाव दिखा हो, लेकिन कंपनी की रिन्यूएबल एनर्जी और डिस्ट्रीब्यूशन ग्रोथ इसे भविष्य के लिए मजबूत बना रही है। फिलहाल Tata Power Share Price पर सीमित अपसाइड दिख रहा है, मगर लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए कंपनी का फोकस्ड क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो और नई परियोजनाएं एक आकर्षक निवेश अवसर पेश करती हैं।




